Transgender

This poem beautifully depicts the role of transgender in the society. Why should a section of society face a discrimination and humiliation for no faults of him/her? Why cant we accept them like our counterparts and equal to us?

A living legend is Gauri Sawant, who was born as a transgender; No amount of bigotry and prejudices could change her determination to live life with self respect, she adopted an orphan girl child and proved where there is a will, there is a way!

Author: Prabha Jain ‘Shree’

किन्नर 

ना   देखी    अपनों   में 

अपनेपन    की    चाहत

 कटती ऊँगली तो दुःख होता 

पर  मुझे  तो पूरा छोड़ दिया 

Image result for baby and a mother


क्या    थी   लाज  शर्म

मैंने अपने को नहीं बनाया 


बना था मैं जिसके रक्त से 

उन्होंने     नहीं  अपनाया 


गैरों    से     क्या   अपेक्षा

 अपनों   से   मिली उपेक्षा 

Related image


हो जाता विकलांग तो मिलता स्थान

 
होकर  निर्दोष भी, सजा काटी   मैंने 


कभी  किस्मत  का  लेखा

कभी कोसते अपना भाग्य 


मुझे तो अन्जानो  को सौंपा 


माँ,  क्या वो सुरक्षित हाथ थे

 तुझ    से  भी   ज्यादा 

Image result for baby and a mother


सौंप मुझे सोचा बला टली 


झूठा  जीवन व्यतीत करते तुम

 मैं बजाता खाली झूठी ताली  


जिधर से मैं निकलता

 धीरे से “किन्नर जा रहा हैं “

शब्द    सुनाई    देते 


श्रापित    मेरा क्यों

जीवन किसका मैंने क्या बिगाड़ा

 मर जाने पर भी ना श्राप छूटे

 कहते जूता मार, दुबारा नहीं  आना 


पर    अब   सालों   बाद

देश   हैं      बदला 

बदले हैं हर एक के थोड़े विचार 


देखा ज़ब देश ने मेरे जीने का अंदाज और व्यवहार 


दशा और दिशा बदलने लगी 

Image result for gauri sawant


किन्नर रूप में मैं ज़ब आई

 माँ  का दिल  धड़क गया

 एक अनाथ बच्ची को गोद ले

 पालन -पोषण शिक्षित किया 

नहीं शर्म करती वो बेटी 

मुझे माँ कहक़र  बुलाती हैं

Image result for gauri sawant

 करती हैं अच्छी नौकरी

पर सबसे मुझे  मिलवाती हैं 


के. बी. सी. के मंच पर

 बुलाया मुझको गया 


साथ दो अभिनेता  बैठे 

प्रश्नों का जबाव मिलजुलकर दिया 

पाई बहुत बड़ी राशि बेटीके लिए

और  अच्छे काम में लगाई 

Image result for gauri sawant


जी रही हूँ वैसा जीवन

जैसा जीना चाहती थी 

Related image


आज सम्मान  हैं पैसा हैं 

सभी जगह से पूज्यनीय हूँ 


पर समाज का व्यवहार  थोड़ा और बदलना होगा

Related image

 
बच्चे के शरीर में, पैदा  होने पर 

मिलती    हैं   कोई  कमी 

तो डॉ. को चेक करवाना होगा  

ना  डरो  समाज  से  तुम 

और इलाज ठीक से कराओ 

Image result for maa with child

झेली   उतनी   ही  पीड़ा 

और    आने   से   पहले 

क़र महसूस  उस नन्ही जां को 

पाया हैं  उतना  ही सुख


दो  नवजीवन  बच्चे   को 

वो   हैं  अंश    तुम्हारा

वो   हैं  अंश    तुम्हारा

 

Related image

stay inspired..log on to ‘invigoratinglife.com’

About the author

Pooja Jain

A passionate doctor, a writer, blogger, avid reader, music lover, painter, coffee freak and a traveller!!….

I’m simply happy being me….I believe every single day holds the potential of beauty……A person who tries to look into positive in almost every situation...In short I'm just myself inspiring others in my journey!!

'Spread your wings,it's time to fly...Make the Leap, Own the sky!!!'

View all posts

2 Comments